Jharkhand News: हजारीबाग जिले में सेवायत भूमि की अवैध खरीद बिक्री से जुड़े मामले में जेल में बंद रिटायर्ड आईएएस अधिकारी विनोद चंद्र झा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें जमानत दे दी.
एसीबी द्वारा कार्रवाई करते हुए उन्हें किया गया था गिरफ्तार
इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान एसीबी और विनोद चंद्र झा की ओर से रखी गई दलीलों पर कोर्ट ने विचार किया. इसके बाद अदालत ने जमानत देने का आदेश पारित किया. बताया गया कि जिस मामले में विनोद चंद्र झा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी उसमें अगस्त महीने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसी मामले में एसीबी द्वारा कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में बंद थे.
सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया ने पक्ष रखा जबकि विनोद चंद्र झा की ओर से वरीय अधिवक्ता आर एस मजूमदार ने अदालत में दलीलें दीं. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान की.
कानूनी प्रक्रिया में जमानत और सजा के बीच स्पष्ट अंतर है
यह फैसला एक बार फिर दिखाता है कि कानूनी प्रक्रिया में जमानत और सजा के बीच स्पष्ट अंतर है. हाईकोर्ट का यह आदेश जांच एजेंसी की कार्रवाई के बावजूद न्यायिक संतुलन को रेखांकित करता है. अब इस मामले में आगे की सुनवाई और जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.